Categories: बिजनेस

ईरान-इज़राइल तनाव के बीच विदेशी निवेशकों की चाल: फरवरी में ₹22,615 करोड़ की बड़ी खरीद के बाद क्या बदल रहा है रुख?

देश के शेयर बाजार में फरवरी 2026 में विदेशी निवेशकों (FPIs) की सक्रियता ने सबकी नज़रें खींच ली हैं। आंकड़ों के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारत के शेयर बाजार में ₹22,615 करोड़ का निवेश किया — यह पिछले 17 महीनों में सबसे बड़ा मासिक निवेश है।

लेकिन इस सकारात्मक संकेत के बीच एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है: क्या मिडिल ईस्ट, खासकर ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव से इस रुझान में बदलाव आ सकता है?


📈 फरवरी में निवेश: रुझान में बड़ा बदलाव

फरवरी में FIIs का नेट निवेश बाजार की दिशा को बेहतर संकेत दे रहा है। पहले तीन महीनों में ये निवेशक लगातार पैसा निकाल रहे थे, लेकिन पिछले महीने उन्होंने भारी मात्रा में शेयर खरीदे।

वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार:
✔ भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की उम्मीद
✔ शेयर बाजार में उचित वैल्यूएशन
✔ कॉर्पोरेट सेक्टर के मजबूत तिमाही परिणाम
इन कारणों से विदेशी निवेशकों का रुझान सकारात्मक रहा।


⚠️ मिडिल ईस्ट तनाव: नया जोखिम

हालांकि फरवरी में विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में बड़े पैमाने पर सक्रिय दिखे, मिडिल ईस्ट में ईरान-इज़राइल संघर्ष के चलते वैश्विक जोखिम में बढ़ोतरी हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से
🔹 जोखिम उठाने की इच्छा कम हो सकती है
🔹 निवेशक “वेट-एंड-वॉच” (देखते रहना) रणनीति अपना सकते हैं
🔹 आगामी निवेश स्थगित हो सकता है
ऐसा होने पर बाजार की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।


📉 क्या रुख बदल सकता है?

विश्लेषकों के मुताबिक, फरवरी का निवेश सकारात्मक संकेत है, लेकिन अस्थिर वैश्विक माहौल में निवेशकों की सावधानी बढ़ सकती है।

विशेषकर अगर युद्ध जैसी स्थिति लंबी खिंचती है, तो
🔹 विदेशी पूंजी की आवाजाही धीमी हो सकती है
🔹 शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है
🔹 मुद्रा और कच्चे तेल की कीमतों में अनिश्चितता बढ़ सकती है
ये सब मिलकर निवेशक की धारणा बदल सकते हैं।


💡 नतीजा

फरवरी में ₹22,615 करोड़ का विदेशी निवेश यह दर्शाता है कि विदेशी निवेशकों ने भारत को आकर्षक अवसर के रूप में फिर से देखा है। यह पिछले कई महीनों की सबसे बड़ी खरीदारी थी और बाजार की उम्मीदों को बढ़ाती है।

लेकिन मिडिल ईस्ट तनाव और मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच यह रुझान टिक सकता है या नहीं — यह अभी आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होगा। निवेशक अब “देखते रहना” की नीति अपना सकते हैं, जिससे बाजार की दिशा पर असर पड़ सकता है।


🧾 मुख्य बिंदु

  • FIIs ने फरवरी में ₹22,615 करोड़ भारतीय शेयरों में लगाए — 17 महीने का उच्चतम स्तर।
  • ➤ पिछले तीन महीनों की बिक्री के बाद यह एक बड़ा बदलाव है।
  • ➤ मिडिल ईस्ट संकट ने निवेशकों के रुख में अनिश्चितता पैदा की है।
  • ➤ आगे जोखिम-आधारित निवेश रणनीतियाँ उभर सकती हैं।

hindi trending news

Share
Published by
hindi trending news

Recent Posts

POCO X8 Pro Max — फुल स्पेसिफिकेशन, कीमत और फीचर्स

POCO X8 Pro Max एक प्रीमियम मिड-रेंज स्मार्टफोन है जिसे POCO ने पावर-यूज़र्स और गेमिंग…

4 hours ago

नया स्मार्टफोन: Vivo X300 FE — फीचर्स, स्पेसिफ़िकेशन और जानकारी

Vivo X300 5G (Vivo X300 FE जैसा ही मॉडल) एक प्रीमियम-स्पेक स्मार्टफोन है जो विश्वस्तरीय…

2 days ago

T20 विश्व कप 2026 – फाइनल मैच लाइव अपडेट (IND vs NZ )

आज का बड़ा मुकाबला 8 मार्च 2026 को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत…

2 days ago

With Love OTT Release Date: Netflix पर कब रिलीज हुई रोमांटिक फिल्म, जानें पूरी जानकारी

With Love OTT Release Date दक्षिण भारतीय रोमांटिक फिल्म With Love अब जल्द ही OTT…

4 days ago

ईरान-इज़राइल तनाव के बीच दुबई एयरपोर्ट पर फंसीं पीवी सिंधु, बोलीं – “हालात डरावने होते जा रहे हैं”

खेल की दुनिया में भारत का नाम रोशन करने वाली स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी PV Sindhu…

1 week ago

उत्तराखंड में कृषि भूमि को गैर-कृषि में बदलने पर सख्ती: क्या हैं नए नियम और असर?

Uttarakhand में कृषि भूमि (Agricultural Land) को गैर-कृषि उपयोग (Non-Agricultural Use) में बदलने को लेकर…

1 week ago